खंडवा के ओंकारेश्वर जलाशय में सौर पैनलों की कतारें पानी पर तैरती हैं। पूरे पार्क की नियोजित क्षमता 600 मेगावाट है। 4 जनवरी 2025 को जारी केंद्र सरकार के विवरण में 278 मेगावाट चालू दर्ज थे। इस दिनांकित हिसाब में SJVN की 90, NHDC की 88 और AMP Energy Green की 100 मेगावाट इकाइयाँ शामिल थीं। बड़े पार्क के भीतर हर उत्पादक की अपनी इकाई और समयरेखा है।

एक पार्क में अलग पड़ाव

SJVN का वर्तमान परियोजना-विवरण वाणिज्यिक संचालन दो हिस्सों में दर्ज करता है: 45 मेगावाट 7 अक्टूबर 2024 और शेष 45 मेगावाट 30 अक्टूबर 2024। इससे पहले 8 अगस्त की PIB विज्ञप्ति ने इकाई की कमीशनिंग की घोषणा की थी। यहाँ उत्पादन के व्यावसायिक पड़ाव के लिए कंपनी की विस्तृत अक्टूबर वाली तारीखें दी गई हैं।

NHPC की नवंबर 2024 निवेशक प्रस्तुति में NHDC की पूरी 88 मेगावाट इकाई की कमीशनिंग 10 अक्टूबर और वाणिज्यिक संचालन 29 अक्टूबर दर्ज है। जनवरी 2025 के 278 मेगावाट कुल को उस समय की पुष्टि के रूप में पढ़ना चाहिए। उससे सितंबर 2026 में शेष क्षमता की वर्तमान स्थिति अपने-आप तय नहीं होती।

पानी पर सौर ऊर्जा के लाभ और सवाल

तैरते सौर संयंत्रों का एक लाभ जमीन की सीमित उपलब्धता वाले इलाकों में वैकल्पिक जगह मिलना है। NASA Earth Observatory का मार्च 2025 विवरण बताता है कि ऐसे ढाँचे वाष्पीकरण और शैवाल की वृद्धि कम करने में भी मदद कर सकते हैं। ये संभावित लाभ हैं; किसी जलाशय पर उनका असर स्थानीय परिस्थितियों से जुड़ा होता है।

उसी विवरण में शुरुआती लागत अधिक होने, प्राकृतिक घटनाओं के प्रति संवेदनशीलता और पानी की गुणवत्ता पर लंबे समय के प्रभाव को चुनौती बताया गया है। इसलिए परियोजना समझते समय बिजली की क्षमता के साथ उसका स्थान, जलाशय और पर्यावरण संबंधी प्रश्न भी पढ़ने चाहिए।

उपग्रह से दिखती नई कतारें

30 जनवरी 2025 की Landsat 9 तस्वीर में जलाशय के भीतर नीले आयताकार समूह दिखाई देते हैं। वे तैरते सौर पैनलों की जगह पहचानने में मदद करते हैं। तस्वीर से परियोजना की विद्युत क्षमता या उसी क्षण का उत्पादन नहीं मापा जा सकता। उसके लिए उत्पादक और सरकारी संचालन रिकॉर्ड अलग आधार हैं।

मुख्य बातें

  • पूरे फ्लोटिंग सोलर पार्क की नियोजित क्षमता 600 मेगावाट है, जबकि PIB ने 4 जनवरी 2025 को 278 मेगावाट कमीशंड बताया।
  • चालू क्षमता में एसजेवीएन की 90 मेगावाट, एनएचडीसी की 88 मेगावाट और एएमपी एनर्जी की 100 मेगावाट इकाइयां शामिल हैं।
  • NASA का विवरण तैरते सौर संयंत्रों के संभावित लाभों के साथ शुरुआती लागत, प्राकृतिक घटनाओं और जल गुणवत्ता से जुड़ी चुनौतियाँ भी बताता है।

स्रोत और संदर्भ

  1. Press Information Bureau, Ministry of New and Renewable Energy · Omkareshwar Floating Solar Project — 278 MW commissioned ↗4 जनवरी 2025
  2. SJVN Limited · 90 MW Omkareshwar Floating Solar Project ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
  3. NHPC Limited · Investor Presentation — November 8, 2024 ↗8 नवंबर 2024
  4. Press Information Bureau, Ministry of Power · SJVN’s 90 MW Omkareshwar Floating Solar Project successfully commissioned ↗8 अगस्त 2024
  5. NASA Earth Observatory · Floating Solar in Madhya Pradesh ↗22 मार्च 2025

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 15 सितंबर 2026।

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