देश की शीट समुद्र की है, सप्रे की मेज़ की नहीं। 12 फरवरी। नाम: सत्येंद्र सिंह लोहिया। सम्मान शीट का: पद्मश्री। जगह: कुक स्ट्रेट, न्यूज़ीलैंड। दावा: एशिया के पहले दिव्यांग तैराक।
तैयारी 18 जनवरी से। ठंडा पानी, अभ्यास, अक्लिमेटाइजेशन। 28 जनवरी: पहला प्रयास; खराब मौसम; रुका। गरमागरम इसे उसी दिन की जीत नहीं लिखती।
जो 12 और जो 70 हैं
निर्धारित 12 फरवरी। शीट: अत्यंत ठंडा पानी, तेज़ धारा, प्रतिकूल मौसम। फिर भी लक्ष्य। 70 प्रतिशत दिव्यांग और व्हीलचेयर बाउंड—विज्ञप्ति का वाक्य, चिकित्सकीय पर्चा नहीं। दूरी नहीं। घड़ी नहीं।
श्रेय लोहिया का: न्यूज़ीलैंड के तैराक साथी, पायलट फिलिप्स, मुजीब खान। वाक्य: मध्यप्रदेश और पूरे भारत की विजय। चित्र विज्ञप्ति का फ्रेम है। गरमागरम स्ट्रेट को इस कोण में नहीं खोलती।
मुख्य बातें
- 12 फरवरी की शीट पार की है; 28 जनवरी का प्रयास मौसम से रुका था।
- एशिया के पहले दिव्यांग तैराक का दावा इसी विज्ञप्ति का है।
- दूरी और समय नहीं हैं; फिलिप्स और मुजीब खान श्रेय की पंक्ति हैं।
स्रोत और संदर्भ
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 18 सितंबर 2026।



